लोको पायलट संगीता पहाड़े ने बताया महिला दिवस पर महिलाओं ने ट्रेन का सफल संचालन किया। यह अपने आप में एक बेहतर अनुभूति थी। यह पर्याय था पुरुषों के बगल में महिलाओं के भी खड़े रहने का, न तो आगे, ना पीछे, बराबरी की साझेदारी। सभी महिला कर्मचारियों के लिए यह एक सुखद अनुभव था। टीसी मीना देशमुख का कहना है कि रेलवे ने ऐसा अवसर देकर हम महिलाओं का मनोबल बढ़ाया है। ऐसा करने के बाद केवल हम संचालक महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे महिला समाज गौरव बढ़ा है।
रेलवे ने बढ़ाया हमारा मनोबल
• Chatrapal singh Narvraya